हाई पावर कमेटी की बैठक रही बेनतीजा
शिक्षाकर्मियों में आक्रोश, 26 मार्च को सौपेंगे ज्ञापन

कवर्धा : शिक्षाकर्मियों की मांगो को लेकर बनी हाई पावर कमिटी की रायपुर मंत्रालय में शुक्रवार को हुई बैठक बेनतीजा रही। इससे शिक्षाकर्मी बहुत नाराज़ हैं। शालेय शिक्षाकर्मी संघ ने शिक्षाकर्मियों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
शालेय शिक्षाकर्मी संघ के जिलाध्यक्ष शिवेंद्र चंद्रवंशी ने बताया कि सरकार का रवैय्या समझ में नहीं आ रहा है। शुक्रवार को हुई बैठक बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई। बैठक में शिक्षक मोर्चा के सभी प्रदेश संचालक व अन्य प्रमुख पदाधिकारीगण शामिल थे। हाईपवार कमेटी ने दूसरे दौर की वार्ता की बात कही, लेकिन बाद में उन्होंने बात करने से इंकार कर दिया। इसकी वजह से कई संघ के पदाधिकारी कमेटी के सामने अपनी बात नहीं रख पाए। ऐसे में बैठक बुलाने का क्या औचित्य है।
संघ के प्रदेश प्रवक्ता गजराज सिंह राजपूत ने बताया कि बैठक में संघ द्वारा संविलियन का मुद्दा प्रमुखता व मजबूती से रखा गया है। शिक्षाकर्मियों की प्रमुख मांग संविलियन ही है और इससे कम हम लेेने को तैयार नहीं है। शासन टालमटोल कर रही है। शासन संविलियन के मुद्दे को लटकाए रखना चाहती है। शासन को बहुत पहले से पता है कि शिक्षाकर्मियों की प्रमुख मांग संविलियन है। इसके बाद भी शासन द्वारा बार-बार बैठक बुलाना और बैठक में कोई नतीजा नही निकलना इस बात को स्पष्ट करता है कि शासन हमारी मांगों को लेकर गंभीर नही है। इससे शिक्षाकर्मियों में आक्रोश बढ़ते जा रहा है।
संघ ब्लाक अध्यक्षगण मोहन राजपूत, संजय जायसवाल, राकेश जोशी, वीरेंद्र चंद्रवंशी व अब्दुल आसिफ खान ने बताया कि शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा द्वारा 26 मार्च को सभी जिला मुख्यालयों में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। वहीं 3 अप्रैल से होने वाले मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार किया जाएगा। मूल्यांकन कार्य में संघ का कोई भी सदस्य भाग नहीं लेगा।

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