कवर्धा बंद सफल,हजारों की संख्यां में उमड़े लोग

एसटी एससी के नेता बोले संविधान बचाने हर कुर्बानी देने तैयार
भारत बंद: एक्ट्रोसीटी के नियमों को शिथिलता करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उमड़ा जनाक्रोश
अनुसुचित जाति एवं अनुसुचित जनजाति संंयुक्त मोर्चा ने निकाली रैली , सौंपा ज्ञापन
चाक चौबंद पुलिस व्यवस्था ,उपद्रवी तत्व को नहीं मिला मौका

 

बहुजन- आदिवासी -दलित वर्ग के नेता जय प्रकाश बंजारे ने अपने उदबोधन में सरकार को ललकारते हुए कहा कि शोषित दलित एसटीएससी वर्ग के अधिकारों का हनन सरकार को मंहगा पड़ेगा और सुप्रीम कोर्ट सहित न्याय पालिका में दखल बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि देश के मुलनिवासी बहुजन समाज यानि आदिवासियो- दलितों को फिर से गुलामी की जिन्दगी जीने के लिए विवश करने षडयंत्र किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश का मुलनिवासी प्रताडि़त हो रहा है। उन्होंने कहा कि जस्टिस चोलेश्वर ने आरोप लगाया है कि सरकार न्याय पालिका में हस्तक्षेप कर रही है जो कि गहरी साजिश है। उन्होंने ललकारते हुए कहा कि केंद्र सरकार मूलनिवासी बहुजन समाज के सोये शेरो को न जगाये । उन्होंने लोगों को आगाह किया कि यदि अब भी हमारे मुलनिवासी बहुजन भाई नहीं जागे तो बहुत ही बुरा दिन आने वाला है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब हमें सार्वजनिक तालाब में पानी पीने से रोका गया। अच्छा कपड़ा पहनना मना था। दलित आदिवासी को प्रताडि़त करने वाले अत्याचारी आज भी षडयंत्र करके हमे फिर से गुलामी का दिन दिखाने साजिश रचे जा रहे हैं। उन्होने कहा की सुप्रीम कोर्ट ने जो एसटीएससी एक्ट्रोसीटी एक्ट में बदलाव किया है उससे हमारे एसटीएससी भाईयों पर अत्याचार बढ़ेगा सुरक्षा कवच को छिना जा रहे है। उन्होंने मांग कि सुप्रीम कोर्ट अपने निर्णय पर पुनर्विचार करे।

कवर्धा : सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी- एसटी एक्ट में बदलाव पर पुनर्विचार की मांग को लेकर अनुसुचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति संयुक्त मोर्चा द्वारा बंद के आव्हान पर नगर बंद रहा । इसके अलावा सहसपुर लोहारा, बोड़ला एवं पंडरिया सहित जिले में भारत बंद असर देखा गया।
नगरवासियों ने अनुसुचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के संवैधानिक अधिकार हनन रोकने के समर्थन में भारत बंद को समर्थन देने हुए अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखे । दोपहर बाद कुछ ही दुकान खुले किंतु अधिकांश ने बंद ही रखा । कुल मिलाकर कवर्धा बंद को अपार सफलता मिली जिससे बंद का आव्हान करने वाले संगठनों ने नगरवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली द्वारा अनुसूचित जाति/ जनजाति (अत्याचार निवारण अधिनियम 1989) के नियमों को शिथिलता करने का फैसला सुप्रीम कोर्ट के संयुक्त पीठ के द्वारा लिया गया है ,उस पर पुन:विचार किया जाये जब तक ये मांग पूरी नहीं होगी आंदोलन जारी रहेगी। हम संविधान बचाने के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार हैं । केंद्र सरकार न्याय प्रक्रिया की निष्पक्षता को प्रभावित करने की साजिश न करे वर्ना देश का जागरूक मुलनिवासी व बहुजन समुदाय का शेर जाग गया तो संविधान के दुश्मन मुंह दिखाने लायक नहीं रहेंगे। इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली द्वारा अनुसूचित जाति/ जनजाति (अत्याचार निवारण अधिनियम 1989) के नियमों को शिथिलता करने का फैसला सुप्रीम कोर्ट के संयुक्त पीठ के द्वारा लिया गया है। जिसके विरोध में पुनर्विचार की मांग करते हुए 2 अपै्रल को भारत बंद के समर्थन में कबीरधाम जिला में भी बन्द एवं धरना प्रदर्शन की किया गया उक्त भारत बंद के समर्थन में कबीरधाम जिले के समस्त अनुसूचित जति/ जनजाति समुदाय के लोगों द्वारा 02 अपै्रल को कवर्धा नगर बन्द, विशाल रैली, आमसभा एवं महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था के चलते उपद्रवी तत्व को मौका नहीं मिला। कुछ जगह पर मामुली कहा सुनी होने की जानकारी मिली है। दो जगहों पर विवाद की स्थिति बनी है जिसकी थाने में शिकायत भी हुई है। कुल मिला कर आंदोलन शांति रहा। रैली में दोनों वर्गो के द्वारा सामाजिक वेशभूषा, संस्कृति धारण कर गुरू घासीदास गुरूद्वारा से प्रारंभ होकर ऋषभदेव चौक, आजाद चौक, गुरूनानक गेट, ठाकुरदेव चौक, से वापस गुरूनानक गेट, सी.एम.हाऊस, इंदिरा चौक, सिग्नल चौक, अम्बेडकर चौक होते हुए कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया। तत्पश्चात् आदिवासी मंगल भवन पहुंचकर आमसभा किया गया।

यदि संविधान छेड़छाड़ किया गया तो आगे और भी आंदोलन होगा : प्रभाती मरकाम

आमसभा को संबोधित करते हुए आदिवासी नेता प्रभाती मरकाम ने कहा कि बाबा अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान को बदलने की साजिश की जा रही है जिसे कतई बर्दाश्त नही किया जायेगा। भारत बंद तो शुरूआत है । यदि संविधान छेड़छाड़ किया गया तो आगे और भी आंदोलन होगा।

बड़ी से बड़ी कुर्बान देने के लिए हम तैयार हैं :मनोज बंजारे

आमसभा को संबोधित करते हुए दलित वर्ग के युवा नेता मनोज बंजारे ने कहा कि शोषित वर्ग को फिर झाड़ू और मटकी बंधवाने की तैयारी मुलनिवासी बहुजन दलित आदिवासी के दुश्मन कर रहे है उनकी साजिश को हरगिज कामयाब नही होने दिया जायेगा। इसके लिए बड़ी से बड़ी कुर्बान देने के लिए हम तैयार हैं।

आंदोलन चरम पर होगा : लमतु बैगा

वनांचल से पहुंचे लमतु बैगा ने एसटी -एससी एक्ट्रोसीटी एक्ट में बदलाव की कोशिश का पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाना जरूरी है अन्यथा आंदोलन चरम पर होगा।

बहुजन- आदिवासी -दलित वर्ग के नेता जय प्रकाश बंजारे ने अपने उदबोधन में सरकार को ललकारते हुए कहा कि शोषित दलित एसटीएससी वर्ग के अधिकारों का हनन सरकार को मंहगा पड़ेगा और सुप्रीम कोर्ट सहित न्याय पालिका में दखल बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि देश के मुलनिवासी बहुजन समाज यानि आदिवासियो- दलितों को फिर से गुलामी की जिन्दगी जीने के लिए विवश करने षडयंत्र किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश का मुलनिवासी प्रताडि़त हो रहा है। उन्होंने कहा कि जस्टिस चोलेश्वर ने आरोप लगाया है कि सरकार न्याय पालिका में हस्तक्षेप कर रही है जो कि गहरी साजिश है। उन्होंने लोगों को आगाह किया कि यदि अब भी हमारे मुलनिवासी बहुजन भाई नहीं जागे तो बहुत ही बुरा दिन आने वाला है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब हमें सार्वजनिक तालाब में पानी पीने से रोका गया। अच्छा कपड़ा पहनना मना था। दलित आदिवासी को प्रताडि़त करने वाले अत्याचारी आज भी षडयंत्र करके हमे फिर से गुलामी का दिन दिखाने साजिश रचे जा रहे हैं। उन्होने कहा की सुप्रीम कोर्ट ने जो एसटीएससी एक्ट्रोसीटी एक्ट में बदलाव किया है उससे हमारे एसटीएससी भाईयों पर अत्याचार बढ़ेगा सुरक्षा कवच को छिना जा रहे है। उन्होंने मांग कि सुप्रीम कोर्ट अपने निर्णय पर पुनर्विचार करे।

आमसभा को संतोष ध्रुव, मलेश मरकाम अश्वनी कोसरे, सिद्धराम मेरावी इत्यादि आदिवासी दलित समाज के नेताओं ने संबोधित किया । प्रमुख रूप से सागर टंडन, अभिषेक धुव्रे ,नंदलाल मेरावी , इतवारी मेरावी, सुखदेव धु्रर्वे, पूरन धु्रर्वे , तुलसी बंाधेकर जिला संरक्षक, संतन नारंग, राजमहंत , अनिल सतनामी जिलाध्यक्ष सतनाम सेवा, रामाधार बघेल जिलाध्यक्ष बहुजन समाज पार्टी, महावीर सतनामी समाज सेवक, भरत बर्मन, शशीकपूर बंजारे, योगेन्द्र माहिले, राजेन्द्र बघेल, संजय लांझी, फागू राम मरकाम, धीरपाल सिंह ,गोमनदास नारंगे, डॉ. मानिक खरे इत्यादि सामाजिक नेताओं ने बंद एवं धरना प्रदर्शन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। कार्यक्रम का संचालन अनुसुचित जनजाति शासकीय सेवक संघ के जिला अध्यक्ष आसकरण ध्रुव ने किया। उक्त कार्यक्रम में जिला सतनामी समाज, आदिवासी समाज, महार समाज, अहिरवार समाज, झारिया समाज तथा बहुजन समाज पार्टी एवं सतनाम सेना के पदाधिकारीगण एवं प्रबुद्धजन तथा महिलाएं मौजूद रहे।

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