एनआईए को लोग पिंजड़े में बंद तोता कहते हैं, लेकिन मैं गूंगा और बहरा कहूंगा : असदुद्दीन ओवैसी

मक्का मस्जिद धमाका मामले में अदालत ने सोमवार को सबूतों के अभाव में असीमानंद सहित सभी आरोपितों को बरी कर दिया था

मक्का मस्जिद धमाका मामले में असीमानंद सहित सभी आरोपितों के बरी होने पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) पर जमकर निशाना साधा है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार हैदराबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘लोग एनआईए को पिंजड़े में बंद तोता कहते हैं. लेकिन मैं इसे गूंगा और बहरा भी कहूंगा.’ असदुद्दीन ओवैसी ने आगे कहा कि अगर पीड़ितों के परिजनों में से कोई भी एनआईए की विशेष अदालत के इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देना चाहेगा तो उसे जरूरी कानूनी मदद मुहैया कराई जाएगी.

हैदराबाद स्थित एनआईए की विशेष अदालत ने बीते सोमवार को मक्का मस्जिद ब्लास्ट मामले में पांचों आरोपितों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था. अदालत ने यह भी कहा था कि अभियोजन पक्ष संदिग्धों का जुर्म साबित करने में नाकाम रहा है. हैदराबाद की ऐतिहासिक मक्का मस्जिद में 18 मई, 2007 को शुक्रवार के दिन धमाका हुआ था, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी और 58 घायल हो गए थे.

शुरुआती जांच के बाद स्थानीय पुलिस ने इस मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया था. सीबीआई ने इस मामले में 10 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिनमें पांच की ही गिरफ्तारी हो पाई थी. एक आरोपित की हत्या हो गई थी, जबकि बाकी अभी तक फरार हैं. इस मामले की जांच अप्रैल 2011 में एनआईए के हाथ में आ गई थी. इसकी सुनवाई के दौरान 226 गवाहों और 411 दस्तावेजों की पड़ताल की गई. लेकिन, सुनवाई के दौरान 2008 के मालेगांव धमाका मामले के आरोपित लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित सहित 64 गवाह बयान से पलट गए थे.

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