देश में फर्जी शैक्षणिक संस्थान की बाढ़ ने छात्रों के भविष्य को अंधकारमय कर दिया है। शिक्षामाफिया का पूरे देश में वर्चस्व स्थापित हो का है । देश में सैकड़ो फर्जी शैक्षणिक संस्थान अपने जाल में फंसा कर युवाओं का भविष्य बिगाड़ रहे हैं यूजीसी ने 24 फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची जारी की है। 

नई दिल्ली: देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने वाली हैं। कुछ विश्वविद्यालयों ने आवेदन प्रक्रिया शुरू भी कर दी है। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध विभिन्न कॉलेजों में भी स्नातक और परास्नातक के आवेदन शुरू हो गए हैं। एडमिशन की भागदौड़ में छात्र फर्जी यूनिवर्सिटी के चंगुल में न फंस जाएं, इसके लिए यूजीसी ने देश में चल रहे 24 फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची जारी की है। 
इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने छात्रों के लिए एक चेतावनी जारी की है। छात्र किसी भी फर्जी विश्वविद्यालयों के धोखे में ना आए इसलिए यूजीसी ने 24 फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची जारी की है। खास बात यह है कि इनमें आठ विश्वविद्यालय राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हैं। यूजीसी का कहना है कि 12वीं पास कर बच्चे अंडर ग्रेजुएट कोर्सों में एडमिशन लेना शुरू करेंगे लेकिन अगर विश्वविद्यालय फर्जी निकलता है तो ऐसे में उन्हें परेशानी होगी। उनका साल बर्बाद होने का खतरा है। इसे देखते हुए छात्रों को सावधान करने के लिए यूजीसी ने एकेडमिक ईयर की शुरुआत में ही फर्जी विश्वविद्यालयों के नाम सार्वजनिक किए हैं।

आयोग द्वारा जारी एक नोटिस में कहा गया है, विद्यार्थियों और आम लोगों को सूचित किया जाता है कि फिलहाल देश के विभिन्न हिस्सों में 24 स्वयंभू और गैर मान्यता प्राप्त संस्थान यूजीसी अधिनियनम का उल्लंघन करके चल रहे हैं। इन विश्वविद्यालयों को फर्जी घोषित किया गया है और उन्हें कोई भी डिग्री प्रदान करने का हक नहीं है।

दिल्ली के फर्जी विश्वविद्यालय ये हैं कमर्शियल यूनिवर्सिटी, यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी, वोकेशनल यूनिवर्सिटी, एडीआर-सेंट्रिक जूरिडिकल यूनिवर्सिटी, इंडियन इंस्टीट्यूशन ऑफ साइंस एंड इंजीनियरिंग, विश्वकर्मा ओपन यूनिवर्सिटी फॉर सेल्फ इम्प्लॉइमेंट, आध्यात्मिक विŸवविद्यालय और वाष्र्णेय संस्कृत विश्वविद्यालय।

देश के जिन अन्य स्थानों पर फर्जी विश्वविद्यालय हैं उनमें एक-एक उत्तर प्रदेश के अलीगढ़, कानपुर, प्रतापगढ़, मथुरा, कानपुर और दो इलाहाबाद में हैं। इसी तरह कुछ महाराष्ट्र, ओडिशा, पुडुचेरी, कर्नाटक, केरल और बिहार में हैं।

यूजीसी ने इससे पहले बीते साल भी फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची जारी की थी जिसमें मैथिली यूनिवर्सिटी/विश्वविद्यालय, दरभंगा (बिहार), वाराणसी संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी (यूपी), कमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड दरियागंज (नई दिल्ली), यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी और वोकेशनल यूनिवर्सिटी, दिल्ली शामिल थी।

यह हैं फर्जी विश्वविद्यालय

 
– मैथिली विश्वविद्यालय, दरभंगा, बिहार
– कमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड, दरियागंज, दिल्ली
– यूनाइटेड नेशन्स यूनिवर्सिटी, दिल्ली
– वोकेशनल यूनिवर्सिटी, दिल्ली
– एडीआर सेंट्रिक ज्यूरिडिकल यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली
– इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड इंजीनियरिंग, नई दिल्ली
– विश्व कर्मा ओपन यूनिवर्सिटी फोर सेल्फ एम्लॉइमंट, नई दिल्ली
– आध्यात्मिक विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
– बडागानवी सरकार वर्ल्ड ओपन यूनिवर्सिटी एजूकेशन सोसाइटी गोकाक बेलगाम कर्नाटक
– सेंट जॉन विश्वविद्यालय कृष्णटम, केरल
– राजा अरेबिक यूनिवर्सिटी, नागपुर
– इंडियन यूनिवर्सिटी ऑफ ऑल्टरनेटिवमेडिसिन, कोलकाता
– इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसन एंड रिसर्च, काठुरपूकूर कलकत्ता
– महिला ग्राम विद्यापीठ विश्वविद्यालय, प्रयाग, इलाहाबाद
– वाराणसेय संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी यूपी/जगतपुरी दिल्ली
– गांधी हिंद विद्यापीठ प्रयाग, इलाहाबाद
– नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ इलेक्ट्रो कंप्लैक्स होमियोपैथी, कानपुर
– नेताजी सुभाष चंद्र बोस ओपन यूनिवर्सिटी, अचलताल, अलीगढ़
– उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय कोसीकला, मथुरा
– महाराणा प्रताप शिक्षा निकेतन विश्वविद्यालय, प्रतापगढ़ 
– इंद्रप्रस्थ शिक्षा परिषद इंस्टीट्यूशनल एरिया, खोड़ा माकनपुर, नोएडा 
– नव भारत शिक्षा परिषद, अन्नपूर्ण भवन, शक्तिनगर,  राउरकेला
– नार्थ ओडीसा यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी, मयूरभंज, उड़ीसा
– श्री बोधी एकेडमी ऑफ हायर एजूकेशन, पुडुचेरी
– भारतीय शिक्षा परिषद लखनऊ उत्तर प्रदेश भी इस सूची में है, लेकिन यूजीसी ने कहा है इसका मामला जिला न्यायाधीश लखनऊ के समकक्ष विचाराधीन है।
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