संतानोत्पत्ति में विफलता तथा जननेन्द्रिय में उत्तेजना का अभाव नपुंसकता कही जाती है | ऐसी स्थिति प्रायः अधिक आयु के व्यक्ति के साथ होती हैं| इसके अलावा कुसंगति में फंसे युवकों के साथ भी ऐसा हो सकता है।

नपुंसकता का कारण

नपुंसकता के कई कारण होते हैं जैसे किसी व्यक्ति की धातु क्षीण व पतली हो, जरा सा कामुक विचार करने से ही स्खलित हो जाता हो, शरीर की उष्णता बढ़ी हुई हो, आहार-विहार अनियमित हो, खान-पान में तेज मिर्च-मसाले, मद्य-मांस तथा मादक द्रव्यों के सेवन की आदत हो, शारीरिक अवयव कमजोर हो तथा यौनांग जन्म से ही शिथिल हो तो ऐसे व्यक्ति की मर्दाना शक्ति कमजोर हो जाती है। कई बार मधुमेह या अवसाद जैसी गंभीर बीमारियों के कारण भी नपुंसकता पैदा हो जाती है। कुछ लोग कई विशेष दवाओं के दुष्प्रभाव के कारण भी नपुंसक हो जाते हैं। अत्यधिक शराब पीने से तात्कालिक नपुंसकता हो जाती है।

नपुंसकता के लक्षण

नपुंसकता का सबसे प्रमुख लक्षण उत्तेजना के क्षणों में भी जननेन्द्रिय उत्तेजित न होना अथवा जननेन्द्रिय से वीर्य नहीं निकलना (वीर्य न होना) है।

नपुंसकता का उपचार

आमः कुछ समय तक आम को ठंडे पानी या फ्रिज में रखने के पश्चात उसका रस निकाल लें तथा पी जाएं। ऊपर से एक गिलास दूध का सेवन करें। दो-तीन माह तक नियमित प्रयोग करने से नपुंसकता दूर होती है व मर्दाना ताकत लौट आती है।

अनारः प्रतिदिन मीठा अनार खाने से पुरुष जननेन्द्रिय को बल मिलता है। तथा उसकी शक्तियों में अपार वृद्धि होती है।

नारियलः नारियल कामोत्तेजक प्रकृति का फल है। इसके सेवन से मर्दाना ताकत का विकास होता है। सूखा नारियल कद्दूकस में कसकर दाल, सब्जी, खीर, हलवा आदि में खुलकर प्रयोग करें। इससे प्रजनन शक्ति का भी विकास होगा।

गाजरः पुरुषत्व बढ़ाने के लिए गाजर को रामबाण औषधि की संज्ञा दी जाती है। यह वीर्य को गाढ़ा करके कामशक्ति को बढ़ाती है। गाजर का हलवा बनाकर खाने से खोई हुई मर्दाना ताकत भी लौट आती है। इसका सेवन नियमित रूप से करना जरूरी है।

चिलगोजाः चिलगोजा पुरुषत्व बढ़ाने के लिए उत्तम व कारगर औषधि माना जाता है। नित्य 15 चिलगोजे खाने से बूढ़ों में भी यौन शक्ति का संचार हो जाता है।

छुहाराः पुरुषत्व बढ़ाने के लिए नियमित दूध के साथ दो छुहारों का सेवन करें, लाभ होगा।

बादामः उम्र अधिक होने पर या गलतियों के कारण जवानी में ही धातु क्षीण होने लगे तो बादाम का सहारा लीजिए। बादाम को भिगोकर उनका छिलका उतारें, रगडें, दूध में उबालें, दो चम्मच शहद मिलाएं और चुस्की लेते हुए दूध पीएं |

अमरूदः पके हुए अमरूदों को कुचल-पीसकर दूध व देशी शक्कर मिलाकर छान लें, फिर उसे पीएं। इससे वीर्य व कामशक्ति बढ़ती है।

आंवलाः प्रात:काल आंवले के रस में शहद मिलाकर पीएं तथा ऊपर से दूध पी लें। इसके बाद रात्रि को सोने से पूर्व दो-तीन छुहारे उबालकर पी जाएं इससे संभोगशक्ति बढ़ेगी व पुरुषत्व का तीव्र विकास होगा।

काजूः सूखे मेवे के रूप में काजू का प्रयोग करते रहने से तथा इसके साथ दूध अथवा काफी लेने से नपुंसक व्यक्ति में भी शक्ति का संचार होने लगता है |

कटहलः कटहल के बीजों को घी में तलकर खाने से पुरुषत्व का विकास होता है। शिथिल जननेन्द्रिय में भी उत्तेजना का आभास होने लगता है।

जायफलः जायफल के चूर्ण को शहद के साथ मिलाकर आधे उबले हुए अंडे के साथ खाने से मर्दाना शक्ति बढ़ती है। इसका इस्तेमाल रातको सोने से एक घंटा पहले करें। यहां उल्लेखनीय है कि जायफल का प्रयोग कम मात्रा में करें क्योंकि इसके अधिक प्रयोग से पेट में जलन भी हो सकती है।

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