रायपुर : आसाराम -नाबालिग दुष्कर्म मामले में न्ययालय ने सज़ा मुकर्रर कर दी है बलात्कारी आसाराम अब पूरी जिंदगी जेल में ही रहेगा, लेकिन उसे सलाखों तक ले जाना इतना आसान नहीं था। वो भी उस वक्त जब आसाराम हर जगह छाया हुआ था, जिसके लाखों भक्त एक आवाज पर जान लेने-देने पर उतारू थे, लेकिन  जांबाज पुलिस अधिकारी अजय पाल लाम्बा ने सैंकड़ो धमकियों की परवाह किये बगैर ना सिर्फ पूरे मामले की बेहतर तरीके से जाँच किया , बल्कि आसाराम को सलाखों के पीछे भी पहुंचा कर ही दम लिया।  ऐसे जांबाज आईपीएस अफसर हैं अजय पाल लांबा की  जमकर वाहवाही हो रही है | 
मामला साल 2013 का है 21 अगस्त को तत्कालीन जोधपुर वेस्ट के डिप्टी कमिश्नर रहे अजय पाल लांबा के पास पीड़िता ने अपने पिता के साथ पहुंचकर आसाराम के खिलाफ रेप की शिकायत दर्ज करायी थी। उस समय पुलिस तक जब ये शिकायत पहुंची, खुद भी आईपीएस लांबा को इस बात का यकीन नहीं हुआ था, कि आसाराम ऐसा घिनौना काम कर सकता है, लेकिन जब इन्वेस्टिगेशन शुरू हुए तो नाबालिग की शिकायत सही मिलती चली गयी। IPS लांबा इस मामले में कोई चूक होने देना नहीं चाहते थे, लिहाजा उन्होंने अपने स्तर से पीड़िता से पूछताछ की और फिर उससे वारदात वाले आश्रम की पूरी मैप बनवायी। जब पूछताछ और वारदात वाली जगह की पूरी जानकारी पर आईपीएस संतुष्ट हुए तो फिर कार्रवाई आगे बढ़ी। इन्वेस्टिगेशन के दौरान आईपीएस को करीब 1600 धमकियां मिली, लेकिन आईपीएस लंबा बिना दवाब में झुके और डरे अपना काम करते गये, और उसे गिरफ्तार करके ही दम लिया।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *