डीएसपी अजय सिंह राणा ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि आरोपियों को सोमवार को अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं, गांव में तनाव के मद्देनजर भारी पुलिसबल की तैनाती की गई है।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है (एक्सप्रेस फोटो)
 

नईदिल्ली : सवर्ण जाति की एक लड़की के कथित तौर पर एक अनूसूचित जाति के लड़के के साथ भागने को लेकर शनिवार शाम दलितों के घर पर तोड़फोड़ की गई थी। इस मामले में 30 लोगों को आरोपी बनाया गया है। रविवार को हरियाणा पुलिस ने इस मामले में 18 युवकों को गिरफ्तार किया। इनमें से अधिकतर राजपूत समुदाय से हैं। वारदात यमुनानगर जिले के करहरा गांव में हुई। दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले 80 साल के बुजुर्ग सतपाल ने अपने घर की खिड़की का टूटा शीशा दिखाते हुए कहा, ‘यह तो बस एक लड़का-लड़की का मसला था। इसमें हमारी क्या गलती थी? हमारे घर क्यों तोड़ दिए गए?’

डीएसपी अजय सिंह राणा ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि आरोपियों को सोमवार को अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं, गांव में तनाव के मद्देनजर भारी पुलिसबल की तैनाती की गई है। उधर सोमवार को ही इस मसले को हल करने के लिए दोनों समुदाय के लोगों को बुलाकर पंचायत की गई, लेकिन कोई हल नहीं निकला। शनिवार की घटना पर डीएसपी राणा ने कहा, ‘गांव के दलितों को डराने के लिए यह किया गया। आरोपी दलितों के घर गए और उनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।’ गांव के पूर्व सरपंच श्याम सिंह भी दलित समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने बताया, ‘हमलावरों ने अनुसूचित जाति के सभी लोगों के घरों में तोड़फोड़ की। इलाके में ऐसे करीब 250 घर हैं।’

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