अगर आपके पर्स में भी पड़े हैं 200 और 2000 रुपए के नोट तो इस खबर को जरा ध्यान से पढ़ें, नहीं तो झेलना पड़ सकता है भारी नुकसान.

 अगर आपके पर्स में भी पड़े हैं 200 और 2000 रुपए के नोट तो इस खबर को जरा ध्यान से पढ़ें, नहीं तो झेलना पड़ सकता है भारी नुकसान. बता दें कि आरबीआई ने 200 रुपये और 2000 रुपये के नए नोट कुछ ही समय पहले जारी किए थे. 2000 का नोट 8 नवंबर 2016 को हुई नोटबंदी के बाद जारी किया गया था. जबकि 200 रुपये का नोट अगस्त 2017 में जारी किया गया था. लेकिन अब RBI ने इस मामले में बड़ा ऐलान किया, जिससे आपको परेशानी हो सकती है. 200 और 2000 रुपए के नोट अगर किसी कारण से गंदे हो गए हैं या फिर फट गए हैं तो वे नोट आप नहीं बदल पाएंगे, क्‍योंकि आरबीआई के नियम इसकी इजाजत नहीं देते हैं. अगर आपके पर्स में भी पड़े हैं 200 और 2000 रुपए के नोट तो इस खबर को जरा ध्यान से पढ़ें, नहीं तो झेलना पड़ सकता है भारी नुकसान. बता दें कि आरबीआई ने 200 रुपये और 2000 रुपये के नए नोट कुछ ही समय पहले जारी किए थे. 2000 का नोट 8 नवंबर 2016 को हुई नोटबंदी के बाद जारी किया गया था. जबकि 200 रुपये का नोट अगस्त 2017 में जारी किया गया था. लेकिन अब RBI ने इस मामले में बड़ा ऐलान किया, जिससे आपको परेशानी हो सकती है. 200 और 2000 रुपए के नोट अगर किसी कारण से गंदे हो गए हैं या फिर फट गए हैं तो वे नोट आप नहीं बदल पाएंगे, क्‍योंकि आरबीआई के नियम इसकी इजाजत नहीं देते हैं. अगर आपके पर्स में भी पड़े हैं 200 और 2000 रुपए के नोट तो इस खबर को जरा ध्यान से पढ़ें, नहीं तो झेलना पड़ सकता है भारी नुकसान. बता दें कि आरबीआई ने 200 रुपये और 2000 रुपये के नए नोट कुछ ही समय पहले जारी किए थे. 2000 का नोट 8 नवंबर 2016 को हुई नोटबंदी के बाद जारी किया गया था. जबकि 200 रुपये का नोट अगस्त 2017 में जारी किया गया था. लेकिन अब RBI ने इस मामले में बड़ा ऐलान किया, जिससे आपको परेशानी हो सकती है. 200 और 2000 रुपए के नोट अगर किसी कारण से गंदे हो गए हैं या फिर फट गए हैं तो वे नोट आप नहीं बदल पाएंगे, क्‍योंकि आरबीआई के नियम इसकी इजाजत नहीं देते हैं.

 आरबीआई ने गंदे या फटे इन नोटों के एक्‍सचैंज के बारे में वित्‍त मंत्रालय को लिखा है. हालांकि सूत्रों की मानें तो वहां से अभी तक कोई जवाब नहीं आया है. बता दें कि अभी 2,000 रुपये के करीब 6.70 लाख करोड़ रुपये मूल्य के नोट सर्कुलेशन में हैं और आरबीआई ने अब 2,000 रुपये के नोट छापने बंद कर दिए हैं. आरबीआई ने गंदे या फटे इन नोटों के एक्‍सचैंज के बारे में वित्‍त मंत्रालय को लिखा है. हालांकि सूत्रों की मानें तो वहां से अभी तक कोई जवाब नहीं आया है. बता दें कि अभी 2,000 रुपये के करीब 6.70 लाख करोड़ रुपये मूल्य के नोट सर्कुलेशन में हैं और आरबीआई ने अब 2,000 रुपये के नोट छापने बंद कर दिए हैं. आरबीआई ने गंदे या फटे इन नोटों के एक्‍सचैंज के बारे में वित्‍त मंत्रालय को लिखा है. हालांकि सूत्रों की मानें तो वहां से अभी तक कोई जवाब नहीं आया है. बता दें कि अभी 2,000 रुपये के करीब 6.70 लाख करोड़ रुपये मूल्य के नोट सर्कुलेशन में हैं और आरबीआई ने अब 2,000 रुपये के नोट छापने बंद कर दिए हैं.

 200 और 2000 रुपये के नए नोट अगर किसी वजह से गंदे हो जाएं या फंट जाएं तो इन्हें न तो बैंकों में जमा किया जा सकता है और न ही वहां इन्हें बदला जा सकेगा. इसकी वजह यह है कि करंसी नोटों के एक्सचेंज से जुड़े नियमों के दायरे में इन नए नोटों को रखा ही नहीं गया है. 200 और 2000 रुपये के नए नोट अगर किसी वजह से गंदे हो जाएं या फंट जाएं तो इन्हें न तो बैंकों में जमा किया जा सकता है और न ही वहां इन्हें बदला जा सकेगा. इसकी वजह यह है कि करंसी नोटों के एक्सचेंज से जुड़े नियमों के दायरे में इन नए नोटों को रखा ही नहीं गया है. 200 और 2000 रुपये के नए नोट अगर किसी वजह से गंदे हो जाएं या फंट जाएं तो इन्हें न तो बैंकों में जमा किया जा सकता है और न ही वहां इन्हें बदला जा सकेगा. इसकी वजह यह है कि करंसी नोटों के एक्सचेंज से जुड़े नियमों के दायरे में इन नए नोटों को रखा ही नहीं गया है.

  कटे-फटे या गंदे नोटों के एक्सचेंज का मामला आरबीआई (नोट रिफंड) रूल्स के तहत आता है, जो आरबीआई ऐक्ट के सेक्शन 28 का हिस्सा है. इस ऐक्ट में 5, 10, 50, 100, 500, 1,000, 5,000 और 10,000 रुपये के करंसी नोटों का जिक्र है, लेकिन 200 और 2,000 रुपये के नोटों को इसमें जगह नहीं दी गई है. इसकी वजह यह है कि सरकार और आरबीआई ने इनके एक्सचेंज पर लागू होने वाले प्रावधानों में बदलाव नहीं किए हैं. कटे-फटे या गंदे नोटों के एक्सचेंज का मामला आरबीआई (नोट रिफंड) रूल्स के तहत आता है, जो आरबीआई ऐक्ट के सेक्शन 28 का हिस्सा है. इस ऐक्ट में 5, 10, 50, 100, 500, 1,000, 5,000 और 10,000 रुपये के करंसी नोटों का जिक्र है, लेकिन 200 और 2,000 रुपये के नोटों को इसमें जगह नहीं दी गई है. इसकी वजह यह है कि सरकार और आरबीआई ने इनके एक्सचेंज पर लागू होने वाले प्रावधानों में बदलाव नहीं किए हैं. कटे-फटे या गंदे नोटों के एक्सचेंज का मामला आरबीआई (नोट रिफंड) रूल्स के तहत आता है, जो आरबीआई ऐक्ट के सेक्शन 28 का हिस्सा है. इस ऐक्ट में 5, 10, 50, 100, 500, 1,000, 5,000 और 10,000 रुपये के करंसी नोटों का जिक्र है, लेकिन 200 और 2,000 रुपये के नोटों को इसमें जगह नहीं दी गई है. इसकी वजह यह है कि सरकार और आरबीआई ने इनके एक्सचेंज पर लागू होने वाले प्रावधानों में बदलाव नहीं किए हैं.

  ख़बरों के मुताबिक, बैंकरों का कहना है कि नई सीरीज में कटे-फटे या गंदे नोटों के बेहद कम मामले सामने आए हैं, लेकिन उन्होंने आगाह किया कि अगर प्रावधान में जल्द बदलाव नहीं किया गया तो दिक्कतें शुरू हो सकती हैं. ख़बरों के मुताबिक, बैंकरों का कहना है कि नई सीरीज में कटे-फटे या गंदे नोटों के बेहद कम मामले सामने आए हैं, लेकिन उन्होंने आगाह किया कि अगर प्रावधान में जल्द बदलाव नहीं किया गया तो दिक्कतें शुरू हो सकती हैं. ख़बरों के मुताबिक, बैंकरों का कहना है कि नई सीरीज में कटे-फटे या गंदे नोटों के बेहद कम मामले सामने आए हैं, लेकिन उन्होंने आगाह किया कि अगर प्रावधान में जल्द बदलाव नहीं किया गया तो दिक्कतें शुरू हो सकती हैं.

  आरबीआई का दावा है कि उसने 2017 में इस बदलाव को अमल में लाने के लिए वित्त मंत्रालय को पत्र भेजा था. मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने अंग्रेजी अखबार ET को बताया कि आरबीआई को अभी सरकार से कोई जवाब नहीं मिला है. बदलाव ऐक्ट के सेक्शन 28 में करने होंगे, जिसका संबंध ‘खो गए, चोरी हुए, कटे-फटे या अशुद्ध नोटों की रिकवरी’ से है. आरबीआई का दावा है कि उसने 2017 में इस बदलाव को अमल में लाने के लिए वित्त मंत्रालय को पत्र भेजा था. मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने अंग्रेजी अखबार ET को बताया कि आरबीआई को अभी सरकार से कोई जवाब नहीं मिला है. बदलाव ऐक्ट के सेक्शन 28 में करने होंगे, जिसका संबंध ‘खो गए, चोरी हुए, कटे-फटे या अशुद्ध नोटों की रिकवरी’ से है. आरबीआई का दावा है कि उसने 2017 में इस बदलाव को अमल में लाने के लिए वित्त मंत्रालय को पत्र भेजा था. मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने अंग्रेजी अखबार ET को बताया कि आरबीआई को अभी सरकार से कोई जवाब नहीं मिला है. बदलाव ऐक्ट के सेक्शन 28 में करने होंगे, जिसका संबंध ‘खो गए, चोरी हुए, कटे-फटे या अशुद्ध नोटों की रिकवरी’ से है.

  इस पर आरबीआई ने स्वीकार किया है कि नई सीरीज के नोटों की अभी बैंकों में अदला-बदली नहीं की जा सकती है. आरबीआई ने कहा कि महात्मा गांधी (नई) सीरीज के नोटों के आकार में बदलाव के कारण एमजी (न्यू) सीरीज में कटे-फटे/अशुद्ध नोटों की अदला-बदली मौजूदा नियमों के तहत नहीं की जा सकती है. इस पर आरबीआई ने स्वीकार किया है कि नई सीरीज के नोटों की अभी बैंकों में अदला-बदली नहीं की जा सकती है. आरबीआई ने कहा कि महात्मा गांधी (नई) सीरीज के नोटों के आकार में बदलाव के कारण एमजी (न्यू) सीरीज में कटे-फटे/अशुद्ध नोटों की अदला-बदली मौजूदा नियमों के तहत नहीं की जा सकती है. इस पर आरबीआई ने स्वीकार किया है कि नई सीरीज के नोटों की अभी बैंकों में अदला-बदली नहीं की जा सकती है. आरबीआई ने कहा कि महात्मा गांधी (नई) सीरीज के नोटों के आकार में बदलाव के कारण एमजी (न्यू) सीरीज में कटे-फटे/अशुद्ध नोटों की अदला-बदली मौजूदा नियमों के तहत नहीं की जा सकती है.

 अब देखना होगा कि सरकार ये जरूरी बदलाव करने में कितना समय लगाती है. अब देखना होगा कि सरकार ये जरूरी बदलाव करने में कितना समय लगाती है. अब देखना होगा कि सरकार ये जरूरी बदलाव करने में कितना समय लगाती है.

hindi.news18.com से साभार

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