कवर्धा : सीएम के गृह जिले में भ्रष्ट अधिकारी राजकोष को भ्रष्टाचार के माध्यम से लूट रहे है और इस लूट से जनता बेहद नाराज है हद तो तब हो जाती है जब अधिकारी अपने पाप को राज्य शासन के मत्थे मढ़ कर साफ़ कह देते हैं कि मुख्यमंत्री का गृहजिला है भ्रष्टाचार नहीं करेंगे तो चंदा कहाँ से देंगे ,राजनीतिक आयोजनों का प्रबंधन कहाँ से करेंगे | ऐसे ही भ्रष्ट अधिकारी यहाँ पदस्थ डीएफओ प्रभात मिश्रा हैं | जो स्वयं को भाजपा सरकार के कार्यक्रम का प्रबंधन करने हेतु वन प्रबंधन समिति के खाते में जमा राशि को नगद निकाल कर लाखो रु का घोटाला कर चुके है और खुल्ल्मखुल्ला ढिंढोरा पिट रहे है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम तरेगांव जंगल में तेंदूपत्ता बोनस वितरण में उनके द्वारा वाहन ,अतिथियों व भीड़ जुटाने के लिए वाहन ,उसका डीजल ,पेट्रोल,वाहन किराया ,टेन्ट , खाना वैगरह का इंतजाम किया गया था इसलिए ये घोटाला किया गया है ,वे बड़ी दिलेरी के साथ कह रहे है कि फर्जी बिल वाउचर बनवाना उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं है बिल बन जायेगा कोई कुछ नहीं कर सकता | डीएफओ मिश्रा के इस तरह ऐलानिया भ्रष्टाचार की चर्चा पुरे नगर ही नहीं जिले भर में फ़ैल गयी है | लोग पूछ रहे है कि क्या प्रभात मिश्रा मुख्यमंत्री या वन मंत्री के लिए भ्रष्ट्राचार करते है ? क्या डीएफओ इसी तरह प्रत्येक आयोजन के लिए ऐसे ही लूटपाट करते हैं | ऐसे लूटेरी मानसिकता वाले अधिकारी प्रभात को भागने के बजाय भ्रष्टाचार का भात भाजपा सरकार क्यों खाने दे रही है ? कहां हैं भाजपा के ईमानदार कार्यकर्त्ता व् देशप्रेम का दावा करने वाले करने वाले राजनेता जो बात बात पर भ्रष्ट्राचार मिटाने का आलाप लगा कर सत्ता में बने हुए है | क्या मुख्यमंत्री डाक्टर रमन सिंह व वनमंत्री महेश गागड़ा का नाम लेकर भ्रष्टाचार के गटर में सर से लेकर पैर तक डूबे डीएफओ प्रभात मिश्रा को शासन का खौफ बिलकुल नहीं है या ये मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह की छवि ख़राब करने का ठेका लिया जो खुल्ल्म खुल्ला पत्रकारों को बता रहा है की शासन के कार्यक्रमो के प्रबंधन के लिए घपला घोटाला किया जा रहा है |

इस सम्बन्ध में प्राप्त जानकारी के अनुसार वनमंडल कवर्धा के डीएफओ प्रभात मिश्रा के संरक्षण में विभाग में लाखो रु का घोटाला किया गया है ,इस सम्बन्ध में जब जब http://kabirkranti.com के प्रधान सम्पादक डीएन योगी एवं जिला प्रेस क्लब के अध्यक्ष प्रकाश वर्मा द्वारा पूछा गया कि वन प्रबंधन समितियों के नाम पर बिना बिल वाउचर के रूपये निकाले गए है तो डीएफओ द्वारा बड़ी दिलेरी से कहा गया की हाँ बिना बिल वाउचर के रूपये निकाले गए है ,रही बात बिल वाउचर की तो जब चाहूंगा बिल वाउचर बन जायेगा | ये सब होता रहता है | आखिर कई आयोजनों में खर्चा भी तो हम करते है मुख्यमंत्री व वनमंत्री के कार्यक्रम तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम में वाहन ,खाना इत्यादि सारे खर्च कहाँ से लाये ,भ्रष्टाचार तो करना ही पड़ेगा मुख्यमंत्री का जिला है , ये सब बड़ी बात नहीं है |

इस सम्बन्ध में जिला प्रेस क्लब के अध्यक्ष प्रकाश वर्मा ने कहा कि डीएफओ का बर्ताव बता रहा है की अधिकारी मुख्यमंत्री एवं मंत्री का नाम ले लेकर भ्रष्ट्राचार कर रहे है ,यह एक तरह की लूट ही है जो कि गलत है इसकी जाँच होना चाहिए की डीएफओ किसके लिए भ्रष्टाचार कर रहे है क्या ऐसा ही हर विभाग में हैं ? इससे मुख्यमंत्री की बदनामी हो रही है | जनता भी नाराज है |

बताया जा रहा है कि पूर्व में भी अधिकारी द्वारा मनमानी करके यह साबित करने का प्रयास किया गया था कि शासन में इनकी पकड़ ऊँची है और मंत्री की भी औकात नहीं जो इनका कुछ बिगाड़ सके | इनके चमचे ये साबित करने में लगे रहते है की साहब मुख्यमंत्री के ख़ास है इसलिए मंत्री संत्री की कोई औकात नहीं | ऐसा ही साबित करते हुए पूर्व में इनके द्वारा लगभग चालिस कर्मचारियों का स्थानांतरण कर दिया गया था तब शोर भी उठा था जाँच की मांग भी की गई मगर साहब ने सबको फुस्स करके साबित कर दिया था कि वे मुख्यमंत्री के ख़ास हैं कोई उनका कुछ नहीं बिगड़ सकता यानि जब सैया भये कोतवाल तो डर कहे का |

इस सम्बन्ध में पत्रकार अशोक मानिकपुरी ने बताया कि डीएफओ नियम विरुद्ध तरीके से डीएफओ द्वारा कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया है जिसकी लोकसुराज अभियान में शिकायत की गई थी इसकी जाँच में आंच पहुंचाने मिथ्या कथन किया गया है |

इसके अलावा वन प्रबंधन समिति से नगद रूपये निकाल कर लाखो रु गटकने के मामले में भी पत्रकार अशोक मानिकपुरी द्वारा लोकसुराज अभियान में शिकायत करके उच्च स्तरीय जाँच की मांग की गई है | अजीबो गरीब ढंग से डीएफओ के भ्रष्टाचार की शिकायत पर उससे अधीनस्थ अधिकारी उपवनमण्डलाधिकारी को जाँच का जिम्मा दिया गया | अब लोक सुराज वाले ही जाने कि जिले के सबसे बड़े फारेस्ट अधिकारी के पाप की जाँच उनके अधीन कैसे करेंगे ? इसमें उच्च स्तरीय जाँच होना चाहिए था किन्तु यहाँ भी घपला करके आरोपी डीएफओ मिश्रा यह साबित करने में लगे है की सीएम के खास होने के चलते वे चाहे जो करे उनका कुछ नहीं बिगड़ेगा

बहरहाल डीएफओ प्रभात मिश्रा जिले में जमकर भ्रष्ट्राचार करके भाजपा सरकार व मुख्यमंत्री को बदनाम कर रहा है और अपनी तिजोरी भर रहा है ऐसे में इनके द्वारा कराये गए शिकायत की सूक्ष्म और उच्च स्तरीय जाँच कार्यवाही और इनके व् इनके क़रीबी रिश्तेदारों की घोषित अघोषित सम्पत्ति बैंक बैलेंस ,बीमा ,शेयर ,गहने ,जमीन ,प्लॉट इत्यादि की सूक्ष्म व् उच्च स्तरीय जाँच जरुरी है |

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